Thursday, May 21, 2009

मेरा देश और राजनीति

आइये मैं आपका परिचय, अपने देश से करता हूँ,
और यहाँ की जनता, एवं राजनीति समझाता हूँ,


हमारे देश की जनता, बड़ी दिग्भ्रमित है ,
इस देश मैं कोई उच्च हैं, तो कोई दलित हैं,
अपने फैसले को, ख़ुद नही समझ पाती हैं,
और हर पाँच साल में, फिर से चोट खाती है,


कभी पंजा, कभी चक्का, कभी साइकिल चलाती है,
और कभी सबके जुगाड़ से, हाथी को बैठाती हैं,
जहाँ आम आदमी अपनी मेहनत से, देश सींच रहा है,
वहीं हमारा नेता जनता का धन, अपने घर खींच रहा है


ये अहिंसा और जनहित के नाम पर, अपनी कमजोरी छुपाता है,
और अपने घर के लिए, आतंकवादी स्वतंत्र कराता है,
ये वाही हैं जो कुर्सी के लिए, गन्दी राजनीति चलाता है,
और अपने स्वार्थ में, देश में टुकडे और दंगे कराता है।


अगले दिन फिर देश के नाम, उसका शान्ति शंदेश आता है,
और इन सब के लिए, विदेशी ताकत, और विपक्ष जो जिम्मेदार बताता है,
कहता है दंगे में मारा हर आदमी, उसका अपना भाई था,
और जो बच गया, वो विपक्ष का भेजा हुआ कसाई था,


हम लोग फिर भावनाओं में बहकर, उसे माफ़ कर जाते हैं,
और फिर एक कमजोर को, अपनी देश की गद्दी पर बैठाते है,
फिर से पाँच साल वो नेता, पुरानी कहानी दोहराता है,
फिर हमको लूट, देश और थोड़ा खोखला कर जाता है,


धर्म, जात, धन और क्षेत्रवाद के नाम पर हम,
एक नेता से, जाते है सब अपने अधिकार हार,
जय हो मेरे देश का प्रजातंत्र,

जय हो यहाँ की राजनीति का व्यापार।

8 comments:

Unknown said...

vah vah vah vah
kya kahne..........
gazab!
HARDIK BADHAI

श्यामल सुमन said...

नेता और कुदाल की नीति रीति है एक।
समता खुरपी सी नहीं वैसा कहाँ विवेक।।

सादर
श्यामल सुमन
09955373288
www.manoramsuman.blogspot.com
shyamalsuman@gmail.com

Anonymous said...

कुछ विकल्प के बारे में भी सोचते हों तो बताईये...

शुभकामनाएं.....

गोविंद गोयल, श्रीगंगानगर said...

samajh gaye bhagat, narayan narayan

इस्लामिक वेबदुनिया said...

पढ़कर अच्छा लगा

दिल दुखता है... said...

हिंदी ब्लॉग की दुनिया में आपका स्वागत है...

संगीता पुरी said...

बहुत सुंदर…..आपके इस सुंदर से चिटठे के साथ आपका ब्‍लाग जगत में स्‍वागत है…..आशा है , आप अपनी प्रतिभा से हिन्‍दी चिटठा जगत को समृद्ध करने और हिन्‍दी पाठको को ज्ञान बांटने के साथ साथ खुद भी सफलता प्राप्‍त करेंगे …..हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।

मीडिया दूत said...

निकालिये अपने दिल में छुपे गुस्से को तभी देश में बदलाव होगा