
जिन्दगी एक पल में ऐसे बदलेगी, सोचा न था,
उनकी बाहों में शाम ऐसे गुजरेगी, सोचा न था,
चाहा था जिनको चाहत से ज्यादा,
वो भी हमें ऐसे चाहेंगे, सोचा न था,
वो रात का आलम, वो तिमिर, वो तन्हाई,
बाहों मैं थे ऐसे, कि एक थी परछाई,
दिल में मीठा डर, अश्कों में प्यार,
साँसों की गर्माहट और जज्बातो का ज्वार,
वो थी मेरी बाहों में समायी,
ऐसा लगा की हाथो में सिमट आई सारी खुदाई,
उनकी बाहों में शाम ऐसे गुजरेगी, सोचा न था,
चाहा था जिनको चाहत से ज्यादा,
वो भी हमें ऐसे चाहेंगे, सोचा न था,
वो रात का आलम, वो तिमिर, वो तन्हाई,
बाहों मैं थे ऐसे, कि एक थी परछाई,
दिल में मीठा डर, अश्कों में प्यार,
साँसों की गर्माहट और जज्बातो का ज्वार,
वो थी मेरी बाहों में समायी,
ऐसा लगा की हाथो में सिमट आई सारी खुदाई,
कभी ऐसे मिलेंगे उनसे, सोचा न था,
जान देकर जीना सीखेंगे, सोचा न था,
हल्की बारिश में भीगे थे लब,
अनकहें डर से धड़क रहे थे दिल जब,
हाथो के छुने से उठ रही थे सिरहन,
होठों को छुने को मचला था मन,
आंखें थी बंद की गुस्ताखी का एहसास न हो,
प्यार इतना दे की फिर कोई प्यास न हो,
इतनी हसी भी रात होगी, सोचा न था,
जिन्दगी से ऐसे मुलाकात होगी, सोचा न था,
आज भी वो लम्हां जब याद आता हैं,
उनकी छुअन कि याद से, जिस्म सिरहा जाता है,
अब मैं, मेरी तन्हाई और आँखों की नमी हैं,
समां वही है, बस एक तेरी कमी है,
एक अनन्त आस्मां और सूनी जमी है,
इस जीवन मैं बस जिन्दगी की कमी है,
अपने ज़ख़्मों को ख़ुद सीना पड़ेगा, सोचा न था,
बिन तेरे मर कर जीना पड़ेगा, सोचा न था,
3 comments:
kya baat hai.. tu kabse kavi ban gaya .... Bahut sahi jaa rahe ho. ...........Good Work
Kavi Window :)
- Muffu
heart touching poem.....
keep it up.......
Best of Luck!!!!!!
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