Wednesday, November 21, 2007

मेरा प्रेम पत्र

जब तुमसे मिला, तुम दिल को छु गई,
आँखो से आँखे मिली, और रूह फना हो गई,
मेरे दिल मैं अरमानों की कली खिल गई,
भटकती आँखों को अब मंजिल मिल गई,

जितना तुझे जानता, उतना तुझमें और डूब जाता,
जब तेरे साथ बैठता, तो इस रूह को सुकून आता,
सोचा दिल की बात अगर ना कही तो बेमानी होगी,
शायद जिंदगी की किताब में, अपनी भी कोई कहानी होगी,

इस कहानी को अंजाम देने का समय, यही है शायद,
कुछ कर गुजरने का समय, यही हैं शायद,
ये दूरी और अकेलापन अब और सहा नही जाता,
पर जबाँ से न जाने कुछ, क्यों, कहाँ नही जाता,

इस दिल की बात का सारांश, ये मेरा इजहार है,
ए मेरी जान सच कह रहा हूँ की, मुझे तुझसे प्यार है,

कह देना मुझसे जो भी चाह हो तेरी,
पर दूर न जाना मुझसे ये इल्तजा है मेरी,
तेरे साथ रहूंगा हमेशा, हर रोज की तरह,
पर चाहूँगा तुझे हमेशा, इस रोज की तरह,

फूल नही, रत्न नही, ना ही कोई हार दिया,
लेकिन इस ख़त मे मैंने, तुझे अपना प्यार दिया,
अगर मेरा प्यार कीमती लगे, तो इसे अपना लेना,
नही तो सड़क के पत्थर की तरह, मुझे ठुकरा देना,

अपनी चाहत का इजहार मैं और नही कर पाऊंगा,
ये झूठ लिख रहा हूँ की, तेरे बिन में मर जाऊंगा,
क्यूंकि अगर तू खुश हैं, तो मेरी ये जाँ सलामत है,
लेकिन अगर दुःखी है, तो हार लम्हां मेरे लिए क़यामत है,

तेरे जवाब को इंतज़ार तक, हम तेरे ख्वाब मैं खोये है,
पर इतना देर मत करना, की मेरी कब्र पर आओ, और लोग कहें,
तुम्हारा इंतज़ार कर अँम्बुज अभी सोये हैं ।

6 comments:

Anonymous said...

Ambuj Goel sahi bata de tune hi likhi hai ya kisi aur ki hai :D
bahut achchi likhi hai. sabse achchi baat yeh hai ki ekdam saral tareeke se original baat likh di hai. chhoo liya tune dil ko
yeh unme se hai jisko padhna chalu karo to khatm karna zaroori ho jaata hai..
In other words: well done my boy!! :D
- Dhanwala

Anonymous said...

Khatru end hai..
- Dhan

bad said...

i see my suggestions taken! :)

Anonymous said...

mindblowing poetry.......

Anonymous said...

This was the excellent presentation of your true feeling....Extreamly beautiful poetry----Shweta

Anonymous said...

sahi hai sirjee..kya likha hain apne...log kayal hue ja rahe hain